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थोड़ा और काम कर

Jan 6, 2022
1 min read

तू कोशिशों को अपनी न नाकाम कर

इतना किया है उठ, थोड़ा और काम कर


तेरी ज़िद के आगे हालात सर झुकाएँगे

फरिश्ते धरती पर तेरी जन्नत बुलाएँगे

सुबह हो चुकी है, अब पसीने में भीगी शाम कर

इतना किया है उठ, थोड़ा और काम कर


सूरज आएगा थक कर लौट जाएगा

तेरी कामयाबी का सवेरा तू खुद लाएगा

अपनी शख्सियत की कीमत बढ़ा, ऊँचा दाम कर

इतना किया है उठ, थोड़ा और काम कर


मर्ज़ी से अपनी नसीब लिख अपना

मर्ज़ी से ही पूरा होगा तेरा अब तक का सपना

खुशी के 'गुंजन' का, हर तरफ नाम कर

इतना किया है उठ, थोड़ा और काम कर


@gunjanrajput



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